राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025: 17 खिलाड़ियों को मिला सम्मान, लेकिन ध्यानचंद खेल रत्न से खाली रहे सभी
खेल जगत के लिए सोमवार, 18 अगस्त 2025 का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा करते हुए 17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठितअर्जुन पुरस्कारसे सम्मानित करने का फैसला किया। हालांकि, इस बार किसी भी खिलाड़ी को सर्वोच्च खेल सम्मानमेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कारनहीं दिया गया।
खेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि अर्जुन पुरस्कारों के लिए छह महीने पहले ही सिफारिशें आमंत्रित की गई थीं। इन सिफारिशों के आधार पर ही खिलाड़ियों का चयन किया गया है। खेल मंत्रालय के अनुसार, अर्जुन पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने पिछले चार वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो, खेल भावना का प्रदर्शन किया हो तथा अनुशासन बनाए रखा हो।
इस बार क्रिकेट से किसी भी खिलाड़ी को अर्जुन पुरस्कार नहीं मिला है, जबकि एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज, निशानेबाजी और हॉकी जैसे खेलों के खिलाड़ियों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। खेल मंत्रालय के इस फैसले ने खेल जगत में एक बार फिर चर्चा का विषय बना दिया है।
आइए, विस्तार से जानते हैं कि किन खिलाड़ियों को यह सम्मान मिला है और खेल रत्न पुरस्कार क्यों नहीं दिया गया।
किन खेलों के खिलाड़ियों को मिला अर्जुन पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के तहत 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इन खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेल मंत्रालय द्वारा जारी सूची में शामिल प्रमुख खिलाड़ी इस प्रकार हैं:
- एथलेटिक्स:तेजस्विन शंकर
- बैडमिंटन:गायत्री गोपीचंद, त्रेसा जोली
- शतरंज:दिव्या देशमुख, विदित गुजराती
- हॉकी:ललरेमसियामी
- निशानेबाजी:अखिल शेरावन
इसके अलावा, भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर को भी अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। खेल मंत्रालय ने बताया कि इन खिलाड़ियों का चयन उनके पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन, खेल भावना और अनुशासन के आधार पर किया गया है।
ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार क्यों नहीं दिया गया
खेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि इस बार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया। हालांकि, खेल मंत्रालय ने इसके पीछे के कारणों को सार्वजनिक नहीं किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों का चयन बेहद कठोर मापदंडों के आधार पर किया जाता है। हो सकता है कि इस बार किसी खिलाड़ी ने इतने उत्कृष्ट प्रदर्शन नहीं किया हो कि उसे यह सर्वोच्च सम्मान दिया जा सके।
खेल जगत के जानकारों का कहना है कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन होती है। इसमें न केवल खिलाड़ी के प्रदर्शन बल्कि उसके योगदान, नेतृत्व क्षमता और खेल भावना को भी ध्यान में रखा जाता है। संभव है कि इस बार किसी खिलाड़ी में ये सभी गुण पर्याप्त मात्रा में नहीं पाए गए हों।
अर्जुन पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया कैसी रही
अर्जुन पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और कठोर होती है। खेल मंत्रालय द्वारा छह महीने पहले ही खिलाड़ियों से सिफारिशें आमंत्रित की गई थीं। इसके बाद, एक विशेषज्ञ समिति द्वारा इन सिफारिशों की समीक्षा की गई और अंतिम चयन किया गया।
अर्जुन पुरस्कार के लिए चयनित खिलाड़ियों को पिछले चार वर्षों में उनके खेल के प्रति समर्पण, उत्कृष्ट प्रदर्शन, खेल भावना और अनुशासन के आधार पर चुना गया है। खेल मंत्रालय के अनुसार, इन खिलाड़ियों ने न केवल अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है बल्कि उन्होंने देश का नाम भी रोशन किया है।
किन अन्य पुरस्कारों की हुई घोषणा
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के तहत अर्जुन पुरस्कार के अलावा अन्य पुरस्कारों की भी घोषणा की गई है। इनमें शामिल हैं:
- द्रोणाचार्य पुरस्कार:खेल प्रशिक्षकों को दिया जाने वाला यह पुरस्कार तीन कोचों को दिया जाएगा।
- मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार:इस बार किसी भी खिलाड़ी को यह पुरस्कार नहीं दिया गया।
- राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार:यह पुरस्कार अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के रूप में जाना जाता है।
खेल मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और कोचों को सम्मानित करना है।
किन खिलाड़ियों को मिला अर्जुन पुरस्कार पूर्ण सूची
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के तहत 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इन खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:
- तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स)
- गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन)
- त्रेसा जोली (बैडमिंटन)
- दिव्या देशमुख (शतरंज)
- विदित गुजराती (शतरंज)
- ललरेमसियामी (हॉकी)
- अखिल शेरावन (निशानेबाजी)
- दीपिका ठाकुर (हॉकी)
- अन्य 9 खिलाड़ी (विवरण जल्द जारी किया जाएगा)
अर्जुन पुरस्कार और ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार में अंतर
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में दो प्रमुख पुरस्कार हैं – अर्जुन पुरस्कार और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार। इन दोनों पुरस्कारों में काफी अंतर है। आइए, इन दोनों पुरस्कारों के बीच के प्रमुख अंतरों को समझते हैं:
| विशेषता | अर्जुन पुरस्कार | मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार |
|---|---|---|
| उद्देश्य | खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करना | खेल जगत में सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करना |
| चयन मानदंड | पिछले चार वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन, खेल भावना, अनुशासन | जीवन भर के खेल योगदान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन |
| पुरस्कार राशि | 15 लाख रुपये | 25 लाख रुपये |
| प्रदान करने वाला प्राधिकरण | युवा मामले एवं खेल मंत्रालय | युवा मामले एवं खेल मंत्रालय |
| प्रथम प्रदान वर्ष | 1961 | 199192 (राजीव गांधी खेल रत्न के रूप में) |
| उदाहरण | तेजस्विन शंकर, गायत्री गोपीचंद | विराट कोहली (2018), पीवी सिंधु (2016) |
अर्जुन पुरस्कार क्या है
अर्जुन पुरस्कार भारत सरकार द्वारा खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च खेल सम्मान है। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1961 में हुई थी। अर्जुन पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने पिछले चार वर्षों में अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो, खेल भावना का प्रदर्शन किया हो तथा अनुशासन बनाए रखा हो।
अर्जुन पुरस्कार के तहत विजेताओं को 15 लाख रुपये की राशि, एक प्रतिमा और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार का नाम महाभारत के पात्र अर्जुन के नाम पर रखा गया है, जिन्हें धनुर्विद्या में पारंगत माना जाता है।
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार क्या है
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार भारत सरकार द्वारा खेल जगत में सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल सम्मान है। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1991-92 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के रूप में हुई थी, जिसे वर्ष 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के रूप में पुनः नामित किया गया।
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने खेल में जीवन भर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया हो। इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को 25 लाख रुपये की राशि, एक प्रतिमा और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
इस पुरस्कार का नाम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है, जिन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है।
खेल जगत में इस फैसले का क्या होगा प्रभाव
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के तहत मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किए जाने के फैसले का खेल जगत पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ सकता है तथा उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए और अधिक प्रयास करने की प्रेरणा मिल सकती है।
दूसरी ओर, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए गए खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्हें न केवल आर्थिक रूप से लाभ होगा बल्कि उनके खेल करियर को भी बढ़ावा मिलेगा।
खेल मंत्रालय के इस फैसले से खेल जगत में एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए चयन मानदंड और अधिक कठोर किए जाने चाहिए ताकि केवल सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ही यह सम्मान दिया जा सके।
पूछे जाने वाले प्रश्न
1 राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 में किन खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार मिला है
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 में 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार मिला है। इनमें तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), गायत्री गोपीचंद एवं त्रेसा जोली (बैडमिंटन), दिव्या देशमुख एवं विदित गुजराती (शतरंज), ललरेमसियामी (हॉकी), अखिल शेरावन (निशानेबाजी) तथा दीपिका ठाकुर (हॉकी) शामिल हैं।
2 मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2025 के लिए किसी खिलाड़ी का चयन क्यों नहीं किया गया
खेल मंत्रालय ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2025 के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, खेल मंत्रालय ने इसके पीछे के कारणों को सार्वजनिक नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभवतः इस बार किसी खिलाड़ी ने इतने उत्कृष्ट प्रदर्शन नहीं किया हो कि उसे यह सर्वोच्च सम्मान दिया जा सके।
3 अर्जुन पुरस्कार और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार में क्या अंतर है
अर्जुन पुरस्कार खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च खेल सम्मान है, जबकि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार सर्वोच्च खेल सम्मान है। अर्जुन पुरस्कार के लिए पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन को देखा जाता है, जबकि खेल रत्न पुरस्कार के लिए जीवन भर के योगदान को महत्व दिया जाता है।
4 राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया कैसी होती है
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और कठोर होती है। खेल मंत्रालय द्वारा छह महीने पहले ही खिलाड़ियों से सिफारिशें आमंत्रित की जाती हैं। इसके बाद, एक विशेषज्ञ समिति द्वारा इन सिफारिशों की समीक्षा की जाती है और अंतिम चयन किया जाता है।
5 राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के तहत अन्य किन पुरस्कारों की घोषणा की गई है
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के तहत अर्जुन पुरस्कार के अलावा द्रोणाचार्य पुरस्कार (तीन कोचों को), मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (इस बार किसी को नहीं) तथा अन्य पुरस्कारों की भी घोषणा की गई है।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा ने खेल जगत में एक बार फिर चर्चा का विषय बना दिया है। 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के साथ ही मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किए जाने के फैसले ने खेल प्रेमियों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
जहां एक ओर अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मान मिला है, वहीं दूसरी ओर खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी खिलाड़ी का चयन न किए जाने के कारण खेल जगत में एक बार फिर बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए चयन मानदंड और अधिक कठोर किए जाने चाहिए ताकि केवल सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ही यह सम्मान दिया जा सके।
खेल मंत्रालय द्वारा जारी इस फैसले के बाद अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में खेल जगत में क्या नए आयाम स्थापित होते हैं तथा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन में कैसे सुधार लाते हैं। निश्चित रूप से, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा ने खेल प्रेमियों के बीच उत्साह और जिज्ञासा दोनों पैदा कर दी है।
