Close Menu
  • मुखपृष्ठ
  • नवीनतम खबरें
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय समाचार
  • विश्व समाचार
  • राजनीति
  • राज्य
  • शेयर मार्केट
  • और देखें
    • बिज़नेस और अर्थव्यवस्था
    • खेल
    • मनोरंजन / बॉलीवुड
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
    • नौकरी और शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मौसम
    • धर्म, राशिफल और ज्योतिष
क्या चल रहा है

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: 13 मुस्लिम देशों के गठजोड़ और भारत पर हमले का दावा क्या है सच

August 19, 2026

गणेश उत्सव 2026: इस बार 12 दिनों का होगा दुर्लभ संयोग, जानिए स्थापना मुहूर्त, महत्व और तैयारी

August 19, 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की गहराई में: ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव, एसआईटी रिपोर्ट और राजनीतिक-सामाजिक सरगर्मियां

August 19, 2026

खाटूश्याम मंदिर से बच्चे के अपहरण का मामला: पुलिस ने हरियाणा से सकुशल बरामद किया, आरोपी महिला गिरफ्तार

August 19, 2026

भोपाल में जेन अल्फा के विरोध प्रदर्शन: रीजनल स्कूल के विलय प्रस्ताव पर छात्रों ने खोला मोर्चा

August 19, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Now Trending News
संपर्क करें
  • मुखपृष्ठ
  • नवीनतम खबरें

    भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: 13 मुस्लिम देशों के गठजोड़ और भारत पर हमले का दावा क्या है सच

    August 19, 2026

    गणेश उत्सव 2026: इस बार 12 दिनों का होगा दुर्लभ संयोग, जानिए स्थापना मुहूर्त, महत्व और तैयारी

    August 19, 2026

    अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की गहराई में: ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव, एसआईटी रिपोर्ट और राजनीतिक-सामाजिक सरगर्मियां

    August 19, 2026

    खाटूश्याम मंदिर से बच्चे के अपहरण का मामला: पुलिस ने हरियाणा से सकुशल बरामद किया, आरोपी महिला गिरफ्तार

    August 19, 2026

    भोपाल में जेन अल्फा के विरोध प्रदर्शन: रीजनल स्कूल के विलय प्रस्ताव पर छात्रों ने खोला मोर्चा

    August 19, 2026
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय समाचार
  • विश्व समाचार
  • राजनीति
  • राज्य
  • शेयर मार्केट
  • और देखें
    • बिज़नेस और अर्थव्यवस्था
    • खेल
    • मनोरंजन / बॉलीवुड
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
    • नौकरी और शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मौसम
    • धर्म, राशिफल और ज्योतिष
Now Trending News
Home»विश्व समाचार»इटली में जॉर्जिया मेलोनी की सरकार से क्यों नाराज़ है जेनरेशन 2027 के चुनाव में बदल सकता है पूरा समीकरण
विश्व समाचार

इटली में जॉर्जिया मेलोनी की सरकार से क्यों नाराज़ है जेनरेशन 2027 के चुनाव में बदल सकता है पूरा समीकरण

adminBy adminAugust 15, 20260011 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest Copy Link LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp
इटली में जॉर्जिया मेलोनी की सरकार से क्यों नाराज़ है जेनरेशन 2027 के चुनाव में बदल सकता है पूरा समीकरण
आरएसएस समाचार स्रोत से प्राप्त संबंधित चित्र
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

इटली में राजनीतिक तूफान: मेलोनी सरकार के खिलाफ उठ रही है की आवाज़

इटली की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आने की संभावना दिखाई दे रही है। देश की प्रधानमंत्रीजॉर्जिया मेलोनीकी दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के खिलाफ 35 साल से कम उम्र के युवाओं का गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।द्वारा जारी नवीनतम पोलिंग डेटा के अनुसार, इस आयुवर्ग में मेलोनी के गठबंधन को सिर्फ 30% से भी कम समर्थन प्राप्त है। वहीं, विपक्षी केंद्र-वाम दलों को युवाओं का लगभग 50% समर्थन मिल रहा है। यह आँकड़ा बताता है कि मेलोनी सरकार के प्रति युवाओं का मोहभंग हो चुका है।

2023 में जब मेलोनी की पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ को युवाओं का पर्याप्त समर्थन मिला था, तब उनकी सरकार ने जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। सरकार के आने के बाद से युवाओं के रोजगार और आर्थिक अवसरों में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। रोम कीलुइस यूनिवर्सिटीके राजनीति विज्ञान के प्रोफेसरलोरेंजो डी सियोका मानना है कि सरकार की नीतियाँ उन लोगों के लिए तो लाभकारी हैं जिन्हें पहले से ही सिस्टम का फायदा मिल रहा है, लेकिन युवाओं जैसे कमजोर वर्ग के लिए ये नीतियाँ बेहद नुकसानदायक साबित हो रही हैं।

इसके अलावा, मेलोनी सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त कानूनों ने भी युवाओं को नाराज़ किया है। सरकार ने रेव पार्टियों, गांजा सेवन, विरोध प्रदर्शनों और किशोर अपराधों पर कड़ा नियंत्रण लगाया है, जिससे युवाओं की आजादी पर अंकुश लगा है। हालांकि, युवाओं का एक बड़ा वर्ग अभी भी राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं है, लेकिन 2026 में हुए न्याय-प्रणाली सुधार पर जनमत संग्रह ने इस स्थिति को बदल दिया है।

इटली में राजनीति हमेशा से बुजुर्गों के वोट बैंक पर केंद्रित रही है, क्योंकि वे सबसे बड़ा मतदाता वर्ग हैं। इसी कारण शिक्षा और युवाओं के रोजगार के बजट में कटौती की जाती रही है। मेलोनी सरकार के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी हो गई है जहाँ पुरुष युवा दक्षिणपंथ की ओर झुक रहे हैं, जबकि महिलाएँ वामपंथ की ओर। यह प्रवृत्ति पूरे यूरोप में दिखाई दे रही है।

2027 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में मेलोनी सरकार को इस युवा असंतोष का सामना करना पड़ सकता है। क्या वे अपने गठबंधन को बचा पाएंगी या फिर इटली में राजनीतिक भूचाल आ जाएगा यह सवाल अब सबके मन में उठ रहा है।

मुख्य बिंदु

  • युवाओं का मोहभंग:35 साल से कम उम्र के मतदाताओं में मेलोनी के गठबंधन को सिर्फ 30% समर्थन मिल रहा है, जबकि विपक्ष को लगभग 50% समर्थन प्राप्त है।
  • आर्थिक असंतोष:सरकार द्वारा युवाओं के रोजगार और आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
  • सख्त कानून:रेव पार्टियों, गांजा सेवन और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों से युवाओं की आजादी पर अंकुश लगा है।
  • जनमत संग्रह का प्रभाव:2026 में न्याय-प्रणाली सुधार पर हुए जनमत संग्रह ने युवाओं को राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया है।
  • लैंगिक विभाजन:पुरुष युवा दक्षिणपंथ की ओर झुक रहे हैं, जबकि महिलाएँ वामपंथ की ओर। यह प्रवृत्ति पूरे यूरोप में दिखाई दे रही है।

युवाओं के असंतोष की जड़ें: रोजगार, वेतन और राजनीतिक उपेक्षा

1 रोजगार संकट: सरकार के वादे अधूरे

जब 2022 में जॉर्जिया मेलोनी सत्ता में आईं, तो उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने का वादा किया था। लेकिन पिछले चार वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।इटली की राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थाके अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 2022 में 8 1% थी, जो 2026 में घटकर 7 5% हो गई है। हालांकि यह कमी दिखाई दे रही है, लेकिन यह संख्या अभी भी यूरोपीय संघ के औसत से काफी ऊपर है।

खासकर युवाओं के बीच बेरोजगारी दर बहुत अधिक है। 15 से 24 साल के आयुवर्ग में बेरोजगारी दर 2026 में 20% से ऊपर बनी हुई है। इसका मुख्य कारण है सरकार द्वारा युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाओं की कमी।लुइस यूनिवर्सिटीके प्रोफेसर डी सियो कहते हैं, सरकार की नीतियाँ उन लोगों के लिए तो ठीक हैं जिन्हें पहले से ही सिस्टम का फायदा मिल रहा है, लेकिन युवाओं जैसे कमजोर वर्ग के लिए ये नीतियाँ बेहद नुकसानदायक साबित हो रही हैं।”

इसके अलावा, इटली में युवाओं को मिलने वाला वेतन भी बहुत कम है।यूरोस्टेटके आँकड़ों के अनुसार, इटली में 25 साल से कम उम्र के युवाओं का औसत वेतन यूरोपीय संघ के औसत वेतन से 30% कम है। यह वेतन अंतर युवाओं में असंतोष की एक बड़ी वजह बन रहा है।

2 शिक्षा बजट में कटौती: भविष्य की अनदेखी

इटली में राजनीति हमेशा से बुजुर्गों के वोट बैंक पर केंद्रित रही है। इसी कारण सरकार द्वारा शिक्षा और युवाओं के विकास के बजट में बार-बार कटौती की जाती रही है। 2023 में सरकार ने शिक्षा बजट में 12% की कटौती की थी, जबकि पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में कोई कमी नहीं की गई।

इसके परिणामस्वरूप, इटली की शिक्षा प्रणाली लगातार कमजोर होती जा रही है।ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंटकी रिपोर्ट के अनुसार, इटली में उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं की संख्या यूरोपीय संघ के औसत से काफी नीचे है। सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निवेश न करने से युवाओं के भविष्य पर गहरा असर पड़ रहा है।

इसके अलावा, सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों को भी पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा है। इससे युवाओं को रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मुश्किल हो रही है।

3 सख्त कानून: युवाओं की आजादी पर अंकुश

मेलोनी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे कानून लागू किए हैं जिन्होंने युवाओं की आजादी पर अंकुश लगा दिया है। सरकार ने रेव पार्टियों, गांजा सेवन, विरोध प्रदर्शनों और किशोर अपराधों पर कड़ा नियंत्रण लगाया है।

इन कानूनों के कारण युवाओं के मन में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है। खासकर गांजा सेवन पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून ने युवाओं को बहुत नाराज़ किया है।बोकोनी यूनिवर्सिटीद्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 65% युवाओं का मानना है कि सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध उनके व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला है।

इसके अलावा, सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने भी युवाओं के मन में असंतोष पैदा किया है। युवाओं का मानना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।

4 राजनीतिक उपेक्षा: युवाओं की आवाज़ अनसुनी

इटली में राजनीति हमेशा से बुजुर्गों के वोट बैंक पर केंद्रित रही है। इसी कारण सरकार द्वारा युवाओं की मांगों और जरूरतों को अनदेखा किया जाता रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए कानून और नीतियाँ ज्यादातर बुजुर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं।

इसके परिणामस्वरूप, युवाओं में राजनीतिक निराशा बढ़ रही है।के आँकड़ों के अनुसार, 18 से 34 साल के आयुवर्ग में सिर्फ 45% लोग ही चुनाव में मतदान करते हैं। यह संख्या यूरोपीय संघ के औसत से काफी नीचे है।

हालांकि, 2026 में हुए न्याय-प्रणाली सुधार पर जनमत संग्रह ने इस स्थिति को बदल दिया है। इस जनमत संग्रह में युवाओं ने बड़े पैमाने पर भाग लिया और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया। इससे साफ हो गया है कि युवाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है।

यूरोपीय संदर्भ: क्या सिर्फ इटली का मामला है

इटली में युवाओं का राजनीतिक झुकाव लैंगिक आधार पर बंटा हुआ दिखाई दे रहा है। पुरुष युवा दक्षिणपंथ की ओर झुक रहे हैं, जबकि महिलाएँ वामपंथ की ओर। यह प्रवृत्ति पूरे यूरोप में दिखाई दे रही है।

उदाहरण के लिए,पोलैंडमें भी पुरुष युवा दक्षिणपंथी दलों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि महिलाएँ वामपंथी दलों की ओर झुक रही हैं। इसी तरहजर्मनीऔरस्पेनमें भी ऐसी प्रवृत्ति दिखाई दे रही है।

इस प्रवृत्ति के पीछे कई कारण हैं। दक्षिणपंथी दल अक्सर राष्ट्रीयता, सुरक्षा और पारंपरिक मूल्यों पर जोर देते हैं, जो पुरुष युवाओं को आकर्षित करता है। वहीं, वामपंथी दल सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो महिलाओं को आकर्षित करता है।

इसके अलावा, यूरोपीय संघ के कई देशों में युवाओं के बीच राजनीतिक निराशा बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण है सरकारों द्वारा युवाओं की मांगों और जरूरतों को अनदेखा करना। इससे युवाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है और वे राजनीतिक रूप से सक्रिय हो रहे हैं।

तुलनात्मक विश्लेषण: इटली और अन्य यूरोपीय देशों में युवाओं का राजनीतिक झुकाव

2027 के चुनाव: क्या मेलोनी सरकार बच पाएगी

2027 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में मेलोनी सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। युवाओं का असंतोष, आर्थिक संकट और राजनीतिक उपेक्षा जैसे मुद्दे सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

मेलोनी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है युवाओं को वापस अपने पक्ष में लाना। इसके लिए सरकार को युवाओं के रोजगार, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में सुधार करना होगा। साथ ही, सरकार को अपने सख्त कानूनों पर भी पुनर्विचार करना होगा।

इसके अलावा, सरकार को विपक्षी दलों के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी। विपक्षी दल केंद्र-वाम गठबंधन के रूप में एकजुट हो रहे हैं और उन्हें युवाओं का पर्याप्त समर्थन मिल रहा है। ऐसे में मेलोनी सरकार के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो सकता है।

हालांकि, मेलोनी सरकार के पास अभी भी कुछ मजबूत पक्ष हैं। उनकी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ का देश के दक्षिणी हिस्सों में काफी समर्थन है। इसके अलावा, सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत किया है।

इसके अलावा, सरकार के खिलाफ उठ रही युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई है और विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा नियंत्रण लगाया है। इससे सरकार को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

लेकिन क्या ये कदम सरकार को बचा पाएंगे यह सवाल अब सबके मन में उठ रहा है। अगर युवाओं का असंतोष बढ़ता रहा तो 2027 के चुनावों में मेलोनी सरकार को बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है।

तुलनात्मक विश्लेषण एवं मुख्य बिंदु

मापदंड मुख्य विवरण एवं तथ्य दूरगामी प्रभाव
मुख्य विषय संबद्ध विषय पर विस्तृत समीक्षा एवं आंकड़े पारदर्शिता में सुधार
प्रशासनिक स्थिति नियमों एवं दिशानिर्देशों के तहत त्वरित कार्रवाई प्रक्रिया सुदृढ़ एवं प्रभावी
सामाजिक प्रभाव स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता प्रसार सुरक्षा एवं विश्वास में वृद्धि
भविष्य की दिशा सत्यापित डेटा के आधार पर आगामी योजनाएं दीर्घकालिक विकास दर में मदद

क्या मेलोनी सरकार 2027 के चुनावों में जीत सकती है

मेलोनी सरकार के सामने कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन इसके बावजूद वे चुनाव जीत सकती हैं। सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत किया है। इसके अलावा, सरकार के पास दक्षिणी इटली में काफी समर्थन है।

युवाओं के असंतोष का मुख्य कारण क्या है

युवाओं के असंतोष का मुख्य कारण है सरकार द्वारा युवाओं के रोजगार, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में सुधार न करना। सरकार द्वारा लगाए गए सख्त कानूनों ने भी युवाओं को नाराज़ किया है।

क्या इटली में राजनीतिक भूचाल आने की संभावना है

अगर युवाओं का असंतोष बढ़ता रहा तो 2027 के चुनावों में राजनीतिक भूचाल आने की संभावना है। विपक्षी दलों को युवाओं का पर्याप्त समर्थन मिल रहा है, जिससे मेलोनी सरकार के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो सकता है।

क्या मेलोनी सरकार अपने सख्त कानूनों पर पुनर्विचार करेगी

अगर सरकार युवाओं के असंतोष को कम करना चाहती है तो उसे अपने सख्त कानूनों पर पुनर्विचार करना होगा। सरकार को युवाओं की आजादी पर अंकुश लगाने वाले कानूनों को हल्का करना होगा।

क्या इटली में राजनीति हमेशा से बुजुर्गों के वोट बैंक पर केंद्रित रही है

हाँ, इटली में राजनीति हमेशा से बुजुर्गों के वोट बैंक पर केंद्रित रही है। इसी कारण सरकार द्वारा युवाओं की मांगों और जरूरतों को अनदेखा किया जाता रहा है।

निष्कर्ष

इटली में जॉर्जिया मेलोनी सरकार के खिलाफ उठ रही युवाओं की आवाज़ एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन चुकी है। 35 साल से कम उम्र के मतदाताओं में मेलोनी के गठबंधन को सिर्फ 30% समर्थन मिल रहा है, जबकि विपक्ष को लगभग 50% समर्थन प्राप्त है। इसका मुख्य कारण है सरकार द्वारा युवाओं के रोजगार, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में सुधार न करना।

इसके अलावा, सरकार द्वारा लगाए गए सख्त कानूनों ने भी युवाओं को नाराज़ किया है। युवाओं का राजनीतिक झुकाव लैंगिक आधार पर बंटा हुआ दिखाई दे रहा है, जो पूरे यूरोप में दिखाई देने वाली प्रवृत्ति है।

2027 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में मेलोनी सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर युवाओं का असंतोष बढ़ता रहा तो सरकार को बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को युवाओं के मुद्दों पर ध्यान देना होगा और अपने सख्त कानूनों पर पुनर्विचार करना होगा।

इटली में राजनीतिक भूचाल आने की संभावना अब साफ दिखाई देने लगी है। यह देखना होगा कि क्या मेलोनी सरकार अपने खिलाफ उठ रही आवाज़ों को दबा पाती है या फिर युवाओं के गुस्से का शिकार हो जाती है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Copy Link

Related Posts

‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’: यश की फिल्म बच्चों के लिए नहीं, 26 अगस्त 2026 को होगी रिलीज

August 18, 2026

‘आवारापन 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, छोटे शहरों में लौटी हाउसफुल की चमक

August 17, 2026

अफगानिस्तान में तालिबान के पांच साल: युद्ध थमा, मगर संकट बढ़ा

August 16, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

प्रमुख पोस्ट

ऋषभ पंत का दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने का सपना: तीन साल से जमीन की तलाश में, सीएम धामी ने दिया भरोसा

August 8, 202626 Views

बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त 2026 से किन राशियों को मिलेगा तरक्की और धन लाभ का सुनहरा अवसर

August 5, 202612 Views

मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के फर्जी आधार-रजिस्ट्री घोटाले का पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार

August 2, 20267 Views

15 अगस्त 2026: स्कूल या कॉलेज में भाषण देना है? चुनें ये 5 दमदार टॉपिक्स

August 5, 20266 Views

दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद सोशल मीडिया पर फैले दावे: क्या सचमुच हजारों नेताओं को निकाला गया?

August 5, 20266 Views
सबसे लोकप्रिय

ऋषभ पंत का दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने का सपना: तीन साल से जमीन की तलाश में, सीएम धामी ने दिया भरोसा

August 8, 202626 Views

बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त 2026 से किन राशियों को मिलेगा तरक्की और धन लाभ का सुनहरा अवसर

August 5, 202612 Views

मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के फर्जी आधार-रजिस्ट्री घोटाले का पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार

August 2, 20267 Views
विशेष पोस्ट

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: 13 मुस्लिम देशों के गठजोड़ और भारत पर हमले का दावा क्या है सच

August 19, 2026

गणेश उत्सव 2026: इस बार 12 दिनों का होगा दुर्लभ संयोग, जानिए स्थापना मुहूर्त, महत्व और तैयारी

August 19, 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की गहराई में: ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव, एसआईटी रिपोर्ट और राजनीतिक-सामाजिक सरगर्मियां

August 19, 2026

अपडेट्स की सदस्यता लें

देश, दुनिया, व्यापार, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन की हर बड़ी खबर सबसे पहले।

Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • कुकी नीति
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें
  • अस्वीकरण
© 2026 Now Trending News. सभी अधिकार सुरक्षित।

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.