Close Menu
  • मुखपृष्ठ
  • नवीनतम खबरें
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय समाचार
  • विश्व समाचार
  • राजनीति
  • राज्य
  • शेयर मार्केट
  • और देखें
    • बिज़नेस और अर्थव्यवस्था
    • खेल
    • मनोरंजन / बॉलीवुड
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
    • नौकरी और शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मौसम
    • धर्म, राशिफल और ज्योतिष
क्या चल रहा है

लाल सागर में सऊदी अरब की बढ़ती मुश्किलें: अमेरिका ने हूती विद्रोहियों से की गुप्त डील

September 17, 2026

जालोर में पोस्ट ऑफिस एजेंट को जिंदा जलाया, मौत; तीन नकाबपोशों पर आरोप, पुलिस जांच जारी

September 17, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की प्रधानमंत्री मोदी के अफीम विरोधी प्रयासों की सराहना, भारत अभी भी प्रमुख ड्रग ट्रांजिट देशों की सूची में

September 17, 2026

विश्वकर्मा पूजा 2026: 17 सितंबर को कन्या संक्रांति पर करें यह विशेष पूजन, कारोबार में होगी अपार वृद्धि

September 17, 2026

दिशा सालियान मामले में सीबीआई प्राथमिकी के बाद आदित्य ठाकरे का बड़ा बयान: न जानता था, न कभी मिला

September 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Now Trending News
संपर्क करें
  • मुखपृष्ठ
  • नवीनतम खबरें

    लाल सागर में सऊदी अरब की बढ़ती मुश्किलें: अमेरिका ने हूती विद्रोहियों से की गुप्त डील

    September 17, 2026

    जालोर में पोस्ट ऑफिस एजेंट को जिंदा जलाया, मौत; तीन नकाबपोशों पर आरोप, पुलिस जांच जारी

    September 17, 2026

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की प्रधानमंत्री मोदी के अफीम विरोधी प्रयासों की सराहना, भारत अभी भी प्रमुख ड्रग ट्रांजिट देशों की सूची में

    September 17, 2026

    विश्वकर्मा पूजा 2026: 17 सितंबर को कन्या संक्रांति पर करें यह विशेष पूजन, कारोबार में होगी अपार वृद्धि

    September 17, 2026

    दिशा सालियान मामले में सीबीआई प्राथमिकी के बाद आदित्य ठाकरे का बड़ा बयान: न जानता था, न कभी मिला

    September 16, 2026
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय समाचार
  • विश्व समाचार
  • राजनीति
  • राज्य
  • शेयर मार्केट
  • और देखें
    • बिज़नेस और अर्थव्यवस्था
    • खेल
    • मनोरंजन / बॉलीवुड
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
    • नौकरी और शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मौसम
    • धर्म, राशिफल और ज्योतिष
Now Trending News
Home»राजनीति»पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद उठे बगावती सुर: 120 से अधिक नेताओं ने दिए इस्तीफे, दिल्ली आलाकमान ने लिया हस्तक्षेप
राजनीति

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद उठे बगावती सुर: 120 से अधिक नेताओं ने दिए इस्तीफे, दिल्ली आलाकमान ने लिया हस्तक्षेप

adminBy adminAugust 13, 2026007 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest Copy Link LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp
पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद उठे बगावती सुर: 120 से अधिक नेताओं ने दिए इस्तीफे, दिल्ली आलाकमान ने लिया हस्तक्षेप
आरएसएस समाचार स्रोत से प्राप्त संबंधित चित्र
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद उठे बगावती सुर

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संगठनात्मक ढांचे में किए गए हालिया फेरबदल के बाद पार्टी के अंदर भारी असंतोष और बगावती सुर उठ खड़े हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा की गई नई नियुक्तियों के विरोध में कई जिलों के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे दे दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली स्थित बीजेपी आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा है। प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों को दिल्ली बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस संगठनात्मक संकट को पंजाब कांग्रेस की तरह बड़ा रूप नहीं लेने दिया जा सकता। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने पुराने और वरिष्ठ नेताओं से संवाद बढ़ाने तथा सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए हैं।

इस पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल सिंह ढिल्लों द्वारा प्रदेश अध्यक्ष पद संभालने के बाद किए गए संगठनात्मक बदलावों के विरोध में अब तक 120 से अधिक पुराने नेताओं और पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे सौंप दिए हैं। इनमें कई ऐसे टकसाली नेता शामिल हैं जो दशकों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद

केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने प्रदेश में नई संगठन टीम का ऐलान किया। इसी के साथ ही पार्टी के अंदर नाराजगी का दौर शुरू हो गया। कई जिलों में पदाधिकारियों की पूरी टीम ने इस्तीफे दे दिए। इनमें कई ऐसे पुराने नेता शामिल थे जो बीजेपी के साथ दशकों से जुड़े हुए थे।

पुराने नेताओं का आरोप है कि केवल सिंह ढिल्लों को कांग्रेस से आकर प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और अब संगठनात्मक नियुक्तियों में भी उन्हीं लोगों को तरजीह दी जा रही है जो बीजेपी में हाल ही में शामिल हुए हैं। पुराने और टकसाली नेताओं को साइडलाइन किया जा रहा है, जिसके कारण पार्टी के अंदर भारी असंतोष पैदा हो गया है।

किन जिलों में हुआ सबसे ज्यादा विरोध

इस संगठनात्मक फेरबदल के विरोध में सबसे ज्यादा विरोध होशियारपुर जिले में देखने को मिला है। यहां पर 111 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे दे दिए हैं। इनमें मंडल अध्यक्ष, जिला सचिव और मोर्चों के पदाधिकारी शामिल हैं।

फरीदकोट जिले में भी जिला अध्यक्ष को बदले जाने के बाद पुराने कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष देखा गया है। यहां पर मंडल अध्यक्ष समेत करीब 10 वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफे सौंप दिए हैं।

इसके अलावा लुधियाना, खन्ना, संगरूर समेत अन्य कई जिलों में भी संगठनात्मक बदलाव को लेकर पार्टी को अपने ही नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इन जिलों में बीजेपी शहरी इलाकों में काफी मजबूत स्थिति में है, ऐसे में पार्टी के लिए यह संकट और भी गंभीर हो जाता है।

पुराने नेताओं के इस्तीफे और उनके कारण

तीक्ष्ण सूद, सुखमिंदर ग्रेवाल और मनिंदर सिंह जैसे पुराने और कद्दावर चेहरों के इस्तीफों से पार्टी के नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है। तीक्ष्ण सूद पंजाब के पूर्व मंत्री हैं और होशियारपुर जिले के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके इस्तीफे के बाद उनके समर्थन में 111 पदाधिकारियों ने भी इस्तीफे दे दिए।

इन नेताओं का आरोप है कि संगठनात्मक नियुक्तियों में उनकी अनदेखी की जा रही है और नए चेहरों को तरजीह दी जा रही है। उनका मानना है कि पार्टी में उनकी भूमिका और सम्मान बरकरार रखा जाना चाहिए।

बीजेपी आलाकमान की प्रतिक्रिया और हस्तक्षेप

इस पूरे मामले में बीजेपी आलाकमान ने काफी गंभीरता दिखाई है। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली तलब किया गया है और उन्हें स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। आलाकमान चाहता है कि पार्टी में पुराने और नए नेताओं के बीच विश्वास बहाल किया जाए और सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जाए।

आलाकमान ने निर्देश दिए हैं कि इस्तीफा देने वाले नेताओं को दोबारा संगठन से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। होशियारपुर, लुधियाना, फरीदकोट, खन्ना, मुक्तसर और संगरूर जैसे जिलों में विरोध को शांत करना प्राथमिकता है।

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा है कि पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह है और इस तरह के विवाद पार्टी स्तर पर सुलझा लिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि नाराज नेताओं को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा और उन्हें मनाने के प्रयास किए जाएंगे।

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल: प्रमुख तथ्य

  • प्रदेश अध्यक्ष:केवल सिंह ढिल्लों (कांग्रेस से आए)
  • फेरबदल का कारण:नई संगठन टीम का ऐलान
  • विरोध के कारण:पुराने नेताओं की अनदेखी, नए चेहरों को तरजीह
  • इस्तीफे देने वाले नेताओं की संख्या:120 से अधिक
  • सबसे ज्यादा विरोध वाला जिला:होशियारपुर (111 पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए)
  • अन्य विरोध वाले जिले:फरीदकोट, लुधियाना, खन्ना, संगरूर, मुक्तसर
  • पुराने नेताओं के नाम:तीक्ष्ण सूद, सुखमिंदर ग्रेवाल, मनिंदर सिंह
  • बीजेपी आलाकमान का हस्तक्षेप:प्रदेश अध्यक्ष को दिल्ली तलब किया गया
  • आगामी चुनाव:2027 विधानसभा चुनाव
  • पार्टी का लक्ष्य:पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल: विरोध और समर्थन पक्ष

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विरोध पक्ष समर्थन पक्ष
पुराने और टकसाली नेताओं की अनदेखीनए चेहरों को तरजीहसंगठनात्मक नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभावपुराने नेताओं का मानसम्मान कम होनापार्टी के अंदरूनी विवाद नई पीढ़ी के नेताओं को मौकापार्टी का विस्तार और मजबूती2027 के चुनावों की तैयारीपार्टी एकजुटता पर जोरनाराज नेताओं को मनाने के प्रयास
तीक्ष्ण सूद, सुखमिंदर ग्रेवाल, मनिंदर सिंह जैसे पुराने नेताओं का इस्तीफाहोशियारपुर में 111 पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफाफरीदकोट में 10 पदाधिकारियों का इस्तीफालुधियाना, खन्ना, संगरूर में विरोध केवल सिंह ढिल्लों का बयान: पार्टी सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी मेंआलाकमान का हस्तक्षेप: प्रदेश अध्यक्ष को दिल्ली तलब किया गयानाराज नेताओं को मनाने के प्रयासपार्टी एक परिवार की तरह है, विवाद पार्टी स्तर पर सुलझेंगे

1 पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद क्या हुआ

पंजाब बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा की गई नई संगठन टीम की घोषणा के बाद पार्टी के अंदर भारी असंतोष पैदा हो गया। कई जिलों में पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे दे दिए। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली स्थित बीजेपी आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा है।

2 इस्तीफे देने वाले नेताओं की संख्या कितनी है

अब तक 120 से अधिक पुराने नेताओं और पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे सौंप दिए हैं। इनमें कई ऐसे टकसाली नेता शामिल हैं जो दशकों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं।

3 सबसे ज्यादा विरोध किस जिले में हुआ है

सबसे ज्यादा विरोध होशियारपुर जिले में देखने को मिला है, जहां पर 111 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे दे दिए हैं। इनमें मंडल अध्यक्ष, जिला सचिव और मोर्चों के पदाधिकारी शामिल हैं।

4 बीजेपी आलाकमान ने इस मामले में क्या कदम उठाया है

बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली तलब किया है और उन्हें स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। आलाकमान चाहता है कि पार्टी में पुराने और नए नेताओं के बीच विश्वास बहाल किया जाए और सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जाए।

5 पार्टी के अगले कदम क्या होंगे

आलाकमान ने निर्देश दिए हैं कि इस्तीफा देने वाले नेताओं को दोबारा संगठन से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। होशियारपुर, लुधियाना, फरीदकोट, खन्ना, मुक्तसर और संगरूर जैसे जिलों में विरोध को शांत करना प्राथमिकता है। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा है कि पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

निष्कर्ष

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल के बाद उठे बगावती सुर ने पार्टी के अंदरूनी संकट को उजागर कर दिया है। 120 से अधिक पुराने नेताओं के इस्तीफे और विभिन्न जिलों में हो रहे विरोध ने पार्टी के नेतृत्व को चुनौती दी है। हालांकि, बीजेपी आलाकमान ने इस मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है, लेकिन पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पुराने और नए नेताओं के बीच विश्वास बहाल करना है।

2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को अपने अंदरूनी विवादों को सुलझाना होगा। केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली तलब किए जाने और नाराज नेताओं को मनाने के प्रयासों से उम्मीद की जा सकती है कि पार्टी जल्द ही इस संकट से उबर जाएगी। हालांकि, पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसे विवाद दोबारा न हों और सभी नेताओं को समान अवसर मिले।

पंजाब बीजेपी के लिए यह समय संगठनात्मक एकजुटता और विश्वास बहाल करने का है। अगर पार्टी इस चुनौती का सामना कर लेती है, तो वह 2027 के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। अन्यथा, पार्टी के लिए यह संकट आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Copy Link

Related Posts

जालोर में पोस्ट ऑफिस एजेंट को जिंदा जलाया, मौत; तीन नकाबपोशों पर आरोप, पुलिस जांच जारी

September 17, 2026

यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर: भारतीय रिजर्व बैंक का डिजिटल भुगतान को मजबूत करने का कदम

September 16, 2026

क्या कृत्रिम मेधा के विकास की तीव्र गति को नियंत्रित करना संभव है सुरक्षा चिंताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर बहस

September 15, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

प्रमुख पोस्ट

ऋषभ पंत का दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने का सपना: तीन साल से जमीन की तलाश में, सीएम धामी ने दिया भरोसा

August 8, 202626 Views

बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त 2026 से किन राशियों को मिलेगा तरक्की और धन लाभ का सुनहरा अवसर

August 5, 202612 Views

मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के फर्जी आधार-रजिस्ट्री घोटाले का पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार

August 2, 20267 Views

15 अगस्त 2026: स्कूल या कॉलेज में भाषण देना है? चुनें ये 5 दमदार टॉपिक्स

August 5, 20266 Views

दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद सोशल मीडिया पर फैले दावे: क्या सचमुच हजारों नेताओं को निकाला गया?

August 5, 20266 Views
सबसे लोकप्रिय

ऋषभ पंत का दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने का सपना: तीन साल से जमीन की तलाश में, सीएम धामी ने दिया भरोसा

August 8, 202626 Views

बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त 2026 से किन राशियों को मिलेगा तरक्की और धन लाभ का सुनहरा अवसर

August 5, 202612 Views

मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के फर्जी आधार-रजिस्ट्री घोटाले का पर्दाफाश, 12 आरोपी गिरफ्तार

August 2, 20267 Views
विशेष पोस्ट

लाल सागर में सऊदी अरब की बढ़ती मुश्किलें: अमेरिका ने हूती विद्रोहियों से की गुप्त डील

September 17, 2026

जालोर में पोस्ट ऑफिस एजेंट को जिंदा जलाया, मौत; तीन नकाबपोशों पर आरोप, पुलिस जांच जारी

September 17, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की प्रधानमंत्री मोदी के अफीम विरोधी प्रयासों की सराहना, भारत अभी भी प्रमुख ड्रग ट्रांजिट देशों की सूची में

September 17, 2026

अपडेट्स की सदस्यता लें

देश, दुनिया, व्यापार, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन की हर बड़ी खबर सबसे पहले।

Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • कुकी नीति
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें
  • अस्वीकरण
© 2026 Now Trending News. सभी अधिकार सुरक्षित।

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.