04 अगस्त 2026 का पंचांग: एक नजर में
04 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन सावन का पहलामंगला गौरी व्रतरखा जाएगा, जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनमेंसर्वार्थ सिद्धि योगप्रमुख है। इसके अतिरिक्त, आजअभिजीत मुहूर्त,अमृत कालऔरराहुकालके समय भी विशेष महत्व रखते हैं।
आज के दिनरेवती नक्षत्रऔरसिंह राशिमें सूर्य का गोचर हो रहा है, जो विभिन्न कार्यों के लिए शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही,मंगलवारको भगवान हनुमान और माता पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व है। ऐसे में, जो लोग नए कार्य आरंभ करना चाहते हैं या महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं, उनके लिए आज का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
विभिन्न ज्योतिषीय स्रोतों के अनुसार, आज के दिनघर प्रवेश,वाहन खरीद,नया व्यवसाय आरंभऔरविवाह जैसे मांगलिक कार्यकरने के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। हालांकि,राहुकालऔरयमगण्डके समय को छोड़कर ही शुभ कार्यों का आयोजन करना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- तिथि:सावन माह, कृष्ण पक्ष, षष्ठी तिथि (रात्रि 10:03 बजे तक)
- वार:मंगलवार
- नक्षत्र:रेवती
- राशि:सिंह
- योग:सर्वार्थ सिद्धि योग
- मुख्य व्रत:मंगला गौरी व्रत (सावन का पहला)
- पूजा मुहूर्त:सुबह 06:00 बजे से 08:00 बजे तक (अनुमानित)
- अभिजीत मुहूर्त:सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक
- अमृत काल:सुबह 09:30 बजे से 11:00 बजे तक
- राहुकाल:सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
- यमगण्ड:दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक
मंगला गौरी व्रत: महत्व और पूजा विधि
व्रत का धार्मिक महत्व
मंगला गौरी व्रत सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर उनके आशीर्वाद की प्राप्ति करना है। मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है, संतान प्राप्ति होती है और पारिवारिक कलह दूर होते हैं।
आज, 04 अगस्त 2026 को सावन का पहला मंगला गौरी व्रत है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। इस दिन माता पार्वती कोसिंदूर, लाल वस्त्र, फल, फूल और मिष्ठानअर्पित किए जाते हैं। साथ ही,भगवान शिव को बेल पत्र, धतूरा और भांगचढ़ाया जाता है।
पूजा विधि
- स्नान और शुद्धिकरण:सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान की तैयारी:घर के पूजा स्थल को साफ करें और चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
- माता पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें:माता पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- मंत्र जाप:“ॐ उमंगायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- अर्पण:माता को सिंदूर, लाल वस्त्र, फल, फूल और मिष्ठान अर्पित करें।
- भगवान शिव की पूजा:शिवलिंग पर जल, बेल पत्र, धतूरा और भांग चढ़ाएं।
- आरती:माता पार्वती और भगवान शिव की आरती करें।
- व्रत कथा का पाठ:मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ करें।
- दान:ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें।
व्रत के नियम
- व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन फलाहार ग्रहण करना चाहिए।
- मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन वर्जित है।
- व्रत के दौरान क्रोध, झूठ और कपट से दूर रहना चाहिए।
- रात्रि में जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती की स्तुति करनी चाहिए।
शुभ मुहूर्त और समय की विस्तृत जानकारी
अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्तको सर्वाधिक शुभ माना जाता है। आज यह मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। इस समय में किए गए कार्यों से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
अभिजीत मुहूर्त का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा सकता है:
- नया व्यवसाय आरंभ करना
- घर प्रवेश
- वाहन खरीद
- विवाह
- नया घर या दुकान खोलना
- शिक्षा से संबंधित कार्य
अमृत काल
अमृत कालको भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आज यह समय सुबह 09:30 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों से दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
अमृत काल का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा सकता है:
- निवेश करना
- नया कार्य आरंभ करना
- गुरु-शिष्य परंपरा से संबंधित कार्य
- धार्मिक अनुष्ठान
राहुकाल
राहुकालको अशुभ माना जाता है। आज यह समय सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य का आयोजन नहीं करना चाहिए।
राहुकाल के दौरान निम्नलिखित कार्यों से बचना चाहिए:
- नया व्यवसाय आरंभ करना
- घर प्रवेश
- विवाह
- नया घर या दुकान खोलना
- यात्रा आरंभ करना
यमगण्ड
यमगण्डभी अशुभ समय माना जाता है। आज यह समय दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को स्थगित कर देना चाहिए।
यमगण्ड के दौरान निम्नलिखित कार्यों से बचना चाहिए:
- निवेश करना
- नया कार्य आरंभ करना
- यात्रा आरंभ करना
- मांगलिक कार्य
गोचर और राशि फल
सूर्य गोचर
आज सूर्य सिंह राशि में गोचर कर रहा है। सिंह राशि के जातकों को आज विशेष लाभ मिलेगा।
सिंह राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
चंद्र गोचर
आज चंद्रमा रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहा है। रेवती नक्षत्र के जातकों को आज विशेष लाभ मिलेगा।
रेवती नक्षत्र वालों के लिए:
- मानसिक शांति मिलेगी।
- नए मित्र बनेंगे।
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- प्रेम संबंधों में प्रगति होगी।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवarik जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए:
- आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- नए अवसर प्राप्त होंगे।
- पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी।
- स्वास्थ्य में सुधार होगा।
04 अगस्त 2026 के शुभ और अशुभ समय की तुलनात्मक तालिका
| क्रमांक | समय अवधि | योग/नक्षत्र | शुभ/अशुभ | कार्यों के लिए उपयुक्त |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सुबह 06:00 बजे से 08:00 बजे तक | सर्वार्थ सिद्धि योग | अत्यंत शुभ | नया व्यवसाय आरंभ, घर प्रवेश, विवाह, निवेश |
| 2 | सुबह 09:30 बजे से 11:00 बजे तक | अमृत काल | अत्यंत शुभ | निवेश, गुरु-शिष्य परंपरा, धार्मिक अनुष्ठान |
| 3 | सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक | अभिजीत मुहूर्त | अत्यंत शुभ | नया व्यवसाय आरंभ, घर प्रवेश, विवाह, वाहन खरीद |
| 4 | सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक | – | अशुभ | किसी भी शुभ कार्य का आयोजन न करें |
| 5 | दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक | – | अशुभ | निवेश, नया कार्य आरंभ, यात्रा आरंभ |
| 6 | रात्रि 10:03 बजे तक | षष्ठी तिथि | मध्यम शुभ | मंगला गौरी व्रत, पूजा-अर्चना |
04 अगस्त 2026 से संबंधित सामान्य प्रश्न
मंगला गौरी व्रत का क्या महत्व है?
मंगला गौरी व्रत सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर उनके आशीर्वाद की प्राप्ति करना है। मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है, संतान प्राप्ति होती है और पारिवारिक कलह दूर होते हैं।
आज का अभिजीत मुहूर्त कितने बजे से कितने बजे तक है?
आज का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। इस समय में किए गए कार्यों से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
राहुकाल का समय क्या है और इसके दौरान क्या करना चाहिए?
आज का राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य का आयोजन नहीं करना चाहिए।
आज के दिन कौन-कौन से योग बन रहे हैं?
आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और राहुकाल भी विशेष महत्व रखते हैं।
मंगला गौरी व्रत की पूजा विधि क्या है?
मंगला गौरी व्रत की पूजा विधि में सर्वप्रथम स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। माता पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और “ॐ उमंगायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। माता को सिंदूर, लाल वस्त्र, फल, फूल और मिष्ठान अर्पित करें। भगवान शिव की पूजा करें और आरती करें। अंत में व्रत कथा का पाठ करें और ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें।
निष्कर्ष
04 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन का पहला मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है। आज के दिनसर्वार्थ सिद्धि योग,अभिजीत मुहूर्तऔरअमृत कालजैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो विभिन्न कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
आज के दिनरेवती नक्षत्रऔरसिंह राशिमें सूर्य का गोचर हो रहा है, जिससे विभिन्न राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा। हालांकि,राहुकालऔरयमगण्डजैसे अशुभ समयों को ध्यान में रखते हुए शुभ कार्यों का आयोजन करना चाहिए।
मंगला गौरी व्रत रखने वाले व्यक्तियों को पूरे दिन फलाहार ग्रहण करना चाहिए और व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए। पूजा विधि का पालन कर भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
अंत में, आज के दिन किए गए कार्यों से सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होगी, बशर्ते कि शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखा जाए।
